
बिहार चुनाव 2025 से पहले सियासत में फिर वही पुरानी फिल्म का नया शो शुरू हो चुका है। पाला बदलो, पॉलिटिकल बायोडाटा अपडेट करो और बीजेपी की प्रेस कॉन्फ्रेंस में हाथ जोड़कर फोटो खिंचाओ – यही नया ट्रेंड है!
BJP की भर्ती मुहिम: “Join Early, Avoid Waiting List!”
पूर्व IPS आनंद मिश्रा ने जन सुराज को “जन भावनाओं की अनुपस्थिति” का हवाला देकर BJP का टिकट नहीं, लेकिन टिकट की उम्मीद लिए पार्टी ज्वाइन कर ली। वहीं, पुराने सियासी सिपाही नागमणि बोले – “अब तीन कुशवाहा एक साथ हैं, तो वोट कहां जाएगा?”
(मतलब: वोट बैंक नहीं, कुशवाहा बैंक खुल गया है!)
भूमिहार-ब्राह्मण समीकरण: सोशल इंजीनियरिंग नहीं, सीधी भर्ती!
इस “सदस्यता समारोह” में सुचित्रा सिन्हा, अवधेश सिंह, और आशुतोष कुमार भी शामिल हुए। सबकी एंट्री ने साफ कर दिया कि बीजेपी अब जातीय गणित को Excel Sheet की तरह संभाल रही है।
“यह केवल दल नहीं, अवसरों की खान है।” – एक नए भाजपाई की आंखों में आंसू और मन में मिशन 2025।
राहुल-तेजस्वी पर ‘रिटायरमेंट स्पेशल’ हमला
आनंद मिश्रा बोले – “टिकट मांगने नहीं आया, बस देश सेवा का मन है” (लेकिन अंदर की Excel में नाम जुड़ गया है, ये भी पक्का है।)
BJP बोले: Welcome Package में सेवा, सम्मान और एक सेल्फी शामिल!
सम्राट चौधरी ने कहा,

“सुचित्रा जी मंत्री रह चुकी हैं, नागमणि जी अनुभव का खज़ाना हैं।”
डिप्टी सीएम विजय सिन्हा बोले – “ये सदस्यता सिर्फ पॉलिटिक्स नहीं, ये ऊर्जा और संकल्प का पावर बैंक है!”
डबल इंजन, राम मंदिर और 3.5 लाख करोड़ का बजट!
सम्राट चौधरी ने जब 3.5 लाख करोड़ का बजट गिनाया, तो जनता थोड़ी देर को चौंकी – फिर सोचा, “इतना पैसा है, अब शायद बिहार में गड्ढों की जगह पथरी बिछेगी!”
बिहार की राजनीति में सीजन वही है, कलाकार नए हैं
सियासत में ना कोई स्थायी दुश्मन होता है, ना विचारधारा — बस डेट ऑफ नेक्स्ट इलेक्शन मायने रखती है। बिहार का वोटर अब पार्टी का मेनिफेस्टो नहीं, नेताओं का पुराना रिकॉर्ड चेक करता है।
लंच बॉक्स में तमंचा, क्लासरूम में टीचर को मारी गोली
